नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शनिवार को बुलंदशहर में हुई रैली ने गौतमबुद्ध नगर में भी राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री ने मंच से कहा कि सांसद डाक्टर महेश शर्मा ने जेवर में एयरपोर्ट बनवाकर बुलंदशहर के लोगों को भी लाभ दिया है।
यहां उद्योग आएंगे तो युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री के बयान के कई अर्थ निकाले जा रहे हैं। क्योंकि एयरपोर्ट के निर्माण का श्रेय लेेने का मुद्दा गौतमबुद्ध नगर में सबसे ज्यादा चर्चाओं में हैं। इसके जरिए यहां के कई नेता अपने आपको को विकास का चेहरा बताने जुटे हैं।
कई सालों तक होगी चर्चा
एयरपोर्ट के निर्माण का मुद्दा एक ऐसा विषय है, जिसकी चर्चा अगले कई वर्ष तक होगी कि किसने इसका निर्माण कराया। जिले में कौनसा नेता ऐसा था, जिसने सर्वाधिक विकास कराया। भविष्य में उसको ही जिले के विकास के चेहरे के रूप में जाना चाहिए।
शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुलंदशहर में 574 करोड़ से अधिक की लागत की 57 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास मौके पर मंच से बोल रहे थे।
सांसद डाक्टर महेश शर्मा, राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर, विधान परिषद सदस्य व पूर्व मंत्री नरेंद्र भाटी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर समेत बुलंदशहर के सभी जनप्रतिनिधि मंच पर थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर में नोएडा एयरपोर्ट पश्चिमी उप्र ही नहीं भारत की समृद्धि का आधार बनेगा।
एयरपोर्ट भले ही डाक्टर महेश शर्मा द्वारा जेवर में बनवाया गया है, लेकिन इसका लाभ बुलंदशहर को मिलने वाला है। इतना कहते ही पंडाल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंजने लगे और डाक्टर महेश शर्मा जिंदाबाद के नारे लगने लगे।
मुख्यमंत्री ने न केवल श्रेय लेने की होड़ पर विराम लगा दिया, बल्कि इशारे ही इशारे में कह भी दिया कि विकास का असली चेहरा डाक्टर महेश शर्मा है। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह को मुख्यमंत्री का करीबी माना जाता है।
राजनीतिक गलियारों में सीएम के बयान केो कई अर्थ
ऐसे में मुख्यमंत्री के इस बयान के राजनीतिक गलियारों में कई अर्थ निकाले जा रहे हैं। क्योंकि निर्माण को लेकर कई में श्रेय लेने की होड़ भी लगी है। विधान सभा चुनाव नजदीक होने की वजह से इसका लाभ लेने के लिए जगह-जगह बैनर-पोस्टर भी लगाए गए हैं।
दरअसल, जेवर में एयरपोर्ट के निर्माण की घोषणा 2001 में हुई थी। लंबे समय तक यह फाइलों में अटका रहा। 2014 में केंद्र में मोदी सरकार बनी तो डाक्टर महेश शर्मा को उड्डयन मंत्रालय में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली। यहीं से एयरपोर्ट को गति मिली।
महेश शर्मा ने व्यक्तिगत प्रयास कर कई विभागों से एयरपोर्ट को मंजूरी दिलवाई। हालांकि, बाद में जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने भी किसानों से जमीन दिलवाने में भूमिका निभाई।
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