प्रस्तावित सर्कल रेट वृद्धि के विरोध में नेफोमा ने डीएम ऑफिस में दर्ज कराई आपत्ति

प्रस्तावित सर्कल रेट वृद्धि के विरोध में नेफोमा ने डीएम ऑफिस में दर्ज कराई आपत्ति
ग्रेटर नोएडा जनपद गौतम बुद्ध नगर में प्रस्तावित सर्किल रेट वृद्धि के विरोध में फ्लैट बायर्स एसोसिएशन नेफोमा के प्रतिनिधि अध्यक्ष अन्नू खान व मुख्य सलाहकार दीपक दुबे जिलाधिकारी ऑफिस पहुंचे जहां पर नेफोमा ने आपत्ति जताई
नेफोमा ने अपने पत्र में लिखा है आपके कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना, पत्रांक /स०म०नि०-द्वितीय/गौतमबुद्ध नगर/2025 के माध्यम से उत्तर प्रदेश स्टाम्प (संपत्ति का मूल्यांकन) नियमावली, 1997 के नियम 4 (संशोधित 2013 एवं 2015) के अंतर्गत जनपद गौतम बुद्ध नगर में सर्कल रेट का पुनरीक्षण प्रस्तावित किया गया है।
उक्त संदर्भ में, मैं, एक जागरूक नागरिक एवं हितधारक के रूप में इस प्रस्तावित सर्कल रेट वृद्धि के प्रति अपनी विधिसम्मत आपत्ति निम्नलिखित आधारों पर प्रस्तुत करता हूँ—
1. लंबित रजिस्ट्रियाँ एवं प्रशासनिक लापरवाही
जनपद के विभिन्न *ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में 2013 से रजिस्ट्रियाँ लंबित हैं, जिसका मूल कारण विकास प्राधिकरण एवं बिल्डरों की प्रशासनिक त्रुटियाँ हैं। खरीदारों को इन त्रुटियों के कारण संपत्ति का कानूनी स्वामित्व प्राप्त नहीं हो पा रहा है। ऐसे में सर्कल रेट वृद्धि पूर्णतः अनुचित एवं अन्यायपूर्ण* होगी।
2. आर्थिक शोषण एवं दोहरी वित्तीय बाध्यता लंबित रजिस्ट्रियों के कारण खरीदारों को बैंक लोन की ईएमआई चुकानी पड़ रही है, जबकि वे अभी तक संपत्ति के विधिक स्वामी नहीं बन पाए हैं। जब तक खरीदार को संपत्ति का स्वामित्व अधिकार प्राप्त नहीं होता, तब तक बढ़े हुए सर्कल रेट के आधार पर करारोपण अनुचित एवं विधि-विरुद्ध होगा। खरीदार पहले ही बिल्डरों की मनमानी एवं प्रशासनिक जटिलताओं* के कारण प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में सर्कल रेट में वृद्धि से उन पर *दोहरी आर्थिक मार* पड़ेगी।
3. जनपद में बुनियादी नागरिक सुविधाओं का अभाव गौतम बुद्ध नगर, में निम्नलिखित मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है सार्वजनिक परिवहन एवं यातायात की समस्या मेट्रो एवं बस सेवा का घोर अभाव* – घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में मेट्रो विस्तार नहीं हुआ* है एवं यूपीएसआरटीसी की बस सेवाएँ अपर्याप्त हैं।
भारी ट्रैफिक एवं जाम की समस्या सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण लोग निजी वाहनों पर निर्भर हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है।
अन्य मौलिक सुविधाओं का अभाव गंगाजल आपूर्ति उपलब्ध नहीं है। सरकारी विद्यालय एवं केंद्रीय विद्यालय जन संख्या के अनुपात मे कम हैं।
सरकारी अस्पताल एवं CGHS डिस्पेंसरी का जन संख्या के अनुपात मेरे अभाव है, जिससे नागरिकों को महंगे निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है।
4. सर्कल रेट निर्धारण की न्यायोचित प्रक्रिया का पालन किया जाए*
जब तक उपरोक्त समस्याओं का निराकरण नहीं हो जाता, तब तक सर्कल रेट वृद्धि पूर्णतः अव्यवहारिक एवं अनुचित होगी। सर्कल रेट में वृद्धि केवल उन्हीं परिसंपत्तियों पर लागू होनी चाहिए, जहाँ बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध हैं जहाँ रजिस्ट्री लंबित है, वहाँ किसी भी प्रकार की सर्कल रेट वृद्धि न्यायसंगत नहीं होगी।
5. “सुपर एरिया” के नाम पर हो रही अवैध वसूली पर रोक लगे उत्तर प्रदेश रेरा प्राधिकरण के दिनांक 06.12.2023 के आदेशानुसार, “सुपर एरिया” नामक कोई वैधानिक अवधारणा अस्तित्व में नहीं है।
इसके बावजूद—
1. सभी दस्तावेजों एवं रजिस्ट्रीकरण प्रक्रियाओं से “सुपर एरिया” शब्द को तत्काल हटाया जाए।
2. संपत्तियों का पंजीकरण केवल “कारपेट एरिया” के आधार पर ही किया जाए।
3. जिन परिसंपत्तियों को “सुपर एरिया”* के आधार पर बेचा गया है, वहाँ “कारपेट एरिया” की दर से सर्कल रेट निर्धारित किया जाए।
4. 2018 से लंबित रजिस्ट्रियों के लिए “सुपर एरिया” रेट पर 20% जोड़कर “कारपेट एरिया” रेट के आधार पर रजिस्ट्री सुनिश्चित की जा सकती है।
5. DM गौतम बुद्ध के स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग मैं भारतीय रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 के सेक्शन 82a के violations बिल्डर द्वारा जान बूझ कर अवैध फ़र्ज़ी सुपर एरिया पर विक्री करी गई हैं, जो कानूनी जुर्म है।
6. इंडियन रेजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 के सेक्शन 82d में (पूर्व उप-पंजीयक 1) द्वारा बिल्डरों से मिलीभगत कर फ़र्ज़ी अवैध सुपर एरिया पर रेजिस्त्रिकरण करने को कहा गया, जो abetment की श्रेणी मैं आता है, इसलिए subregistrar-1, पर केस होनी चाहिए, राजेश (पूर्व उप-पंजीयक 1) के विरुद्ध जाँच हो कि उन्होंने 2014-15 में बिल्डरों से मिलीभगत कर “सुपर एरिया” का अवैध शब्दावलीकरण क्यों कराया, जिससे खरीदारों को वित्तीय क्षति पहुँची।
7. न्यायसंगत अनुरोध जनपद में लंबित रजिस्ट्रियों के शीघ्र निष्पादन हेतु प्रभावी निर्देश जारी किए जाएं। जिन प्रोजेक्ट्स में बिना OC (Occupancy Certificate) के कब्जा दिया गया है, वहाँ OC जारी कराकर खरीदारों को राहत प्रदान की जाए जहाँ बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है (मेट्रो, बस सेवा, जल आपूर्ति, विद्यालय, अस्पताल), वहाँ सर्कल रेट वृद्धि को तत्काल रोका जाए।
8 सुपर एरिया” के आधार पर की गई अवैध बिक्री की विधिसम्मत समीक्षा कर उचित दरों का पुनर्निर्धारण किया जाए ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में 1% FAR सुविधाजनक दुकानों की रजिस्ट्री पर रोक लगे क्योंकि यह समिति का कॉमन एरिया का हिस्सा हैं कॉमन एरिया की विक्रय न्याय संगत नहीं है और सुविधाजनक दुकानों का क्रय/विक्रय प्रतिबंदित है । uprera के ज्ञापन में है।
9 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में सुविधाजनक दुकानों की रजिस्ट्री पर रोक लगे, क्योंकि यह समिति का कॉमन एरिया का हिस्सा हैं, जिसका क्रय विक्रय प्रतिबंदित है। जब तक उपरोक्त समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक प्रस्तावित सर्कल रेट वृद्धि को स्थगित रखा जाए।