स्पेशल: रिपोर्ट करतार सिंह
जयपुर। नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर राजधानी जयपुर में सियासी हलचल लगातार तेज होती जा रही है। 150 वार्डों वाले जयपुर नगर निगम में पार्षद टिकट हासिल करने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में दावेदारों की लंबी कतार दिखाई दे रही है। आरक्षण की तस्वीर सामने आने के बाद टिकट की दौड़ ने और जोर पकड़ लिया है।
भाजपा में 2500 से ज्यादा दावेदारों की चर्चा
ताजा मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जयपुर के 150 वार्डों में भाजपा से 2,500 से अधिक दावेदार टिकट की दावेदारी पेश कर चुके हैं। खास तौर पर महिला दावेदारों की संख्या भी काफी अधिक बताई जा रही है। एक रिपोर्ट में भाजपा से करीब 1,000 महिलाओं की दावेदारी का उल्लेख है। पार्टी स्तर पर केवल आवेदन को टिकट की गारंटी नहीं माना जा रहा, बल्कि सर्वे, स्थानीय पकड़ और जीतने की क्षमता को महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
कांग्रेस में भी टिकट को लेकर जोरदार लॉबिंग
दूसरी ओर कांग्रेस में भी संभावित प्रत्याशी ब्लॉक और संगठन स्तर पर अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। टिकट के लिए आवेदन प्रक्रिया को लेकर पार्टी की ओर से कवायद शुरू होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि 25 अगस्त तक कांग्रेस के कुल आवेदनों की कोई प्रमाणित सार्वजनिक संख्या उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे लेकर कोई अनुमानित आंकड़ा देना उचित नहीं होगा।
टिकट वितरण बनेगा सबसे बड़ा सियासी इम्तिहान
भाजपा और कांग्रेस दोनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक-एक वार्ड में कई दावेदारों के बीच चयन की होगी। पार्टी नेतृत्व को स्थानीय जनाधार, संगठन में सक्रियता, सामाजिक समीकरण, पिछले चुनावों का प्रदर्शन और संभावित जीत की क्षमता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना होगा।
जयपुर नगर निगम में कुल 150 वार्ड हैं और राज्य निर्वाचन आयोग ने 2026 के नगरीय निकाय चुनावों के लिए जयपुर नगर निगम को 150 वार्डों के साथ सूचीबद्ध किया है।
अब नजर टिकट की पहली सूची पर
दावेदारों की बढ़ती संख्या के बीच अब सबकी निगाहें भाजपा और कांग्रेस की संभावित प्रत्याशी सूचियों पर टिक गई हैं। टिकट मिलने तक दावेदारों की लॉबिंग, नेताओं से मुलाकात और वार्ड स्तर पर जनसंपर्क का दौर जारी रहने की संभावना है।
सियासी सवाल यही—2500 से ज्यादा दावेदारों में भाजपा किसे मौका देगी और कांग्रेस किन चेहरों पर लगाएगी दांव?
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