भीलवाड़ा, 11 अगस्त। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत देशभर में वाहनों के फिटनेस परीक्षण में एकरूपता लाने के उद्देश्य से एटीएस के माध्यम से वाहनों का फिटनेस परीक्षण एवं प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।
जिला परिवहन अधिकारी आर.के. चौधरी ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में लगभग 250 एटीएस स्थापित हो चुके हैं। राजस्थान में भी 43 एटीएस स्थापित होकर क्रियाशील हैं। इसी क्रम में जिला मुख्यालय पर पुर रोड स्थित बालाजी फिटनेस एटीएस भी क्रियाशील है।
उन्होंने बताया कि एटीएस केंद्रों पर वाहनों की जांच के दौरान 29 बिंदुओं पर विजुअल इंस्पेक्शन किया जाता है। इसके साथ ही आयातित मशीनों के माध्यम से विभिन्न यांत्रिक परीक्षण किए जाते हैं। इन सभी परीक्षणों के परिणाम केंद्रीय परिवहन मंत्रालय में दर्ज होने के बाद एटीएस को प्राप्त होते हैं। इसके आधार पर मंत्रालय द्वारा फिटनेस प्रमाण पत्र का पीडीएफ जारी कर एटीएस को उपलब्ध कराया जाता है।
जिला परिवहन अधिकारी रामकृष्ण चौधरी ने सभी वाहन स्वामियों से आग्रह किया है कि वे अपने वाहनों को सभी आवश्यक पहलुओं से पूर्ण रूप से फिट करवाने के बाद ही एटीएस पर फिटनेस जांच के लिए प्रस्तुत करें, ताकि वाहन अनफिट घोषित न हो। यदि वाहन अनफिट पाया जाता है तो उसे पुनः परीक्षण के लिए प्रस्तुत करना होगा। इसके लिए पुनः निरीक्षण शुल्क निर्धारित है, जो 3 व्हीलर एवं एलएमवी के लिए 708 रुपये तथा एमएमवी एवं एचएमवी के लिए 1,180 रुपये है।
बालाजी फिटनेस एटीएस के संचालक जगदीश शर्मा ने बताया कि वाहनों में इमीशन (पीयूसी टेस्ट), स्पीड टेस्ट, ब्रेक टेस्ट, सस्पेंशन टेस्ट (लघु वाहनों के लिए), हेडलाइट टेस्ट, स्टियरिंग प्ले टेस्ट एवं ज्वाइंट प्ले टेस्ट सहित विभिन्न परीक्षण किए जाते हैं। इन सभी परीक्षणों में वाहन का पास होना आवश्यक है। किसी एक परीक्षण में भी वाहन फेल होने पर पुनः निरीक्षण शुल्क जमा कराने के बाद वाहन का दोबारा परीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने वाहन स्वामियों से अपील की कि एटीएस पर फिटनेस जांच के लिए वाहन प्रस्तुत करने से पूर्व वाहन के आगे-पीछे के इंडिकेटर, दोनों फ्रंट हेडलाइट, ब्रेकिंग सिस्टम एवं ब्रेक शू की जांच करवा लें। यदि वाहन से अधिक धुआं निकल रहा हो तो इंजेक्टर की जांच करवाएं। टायरों के ग्रिप घिसे हुए होने पर सही टायर लगवाकर ही वाहन प्रस्तुत करें। वाहन में आगे-पीछे एचएसआरपी नंबर प्लेट लगी हो तथा वाहन का रंग आदि भी निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।
इसी प्रकार ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट, शिक्षण संस्थान एवं अन्य यात्री वाहनों के स्वामियों से भी अपील की गई है कि वे फिटनेस जांच से पूर्व वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स, शिकायत पुस्तिका, आपातकालीन संकट द्वार, अग्निशमन यंत्र आदि आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। बसों की छत पर सामान रखने की केबिन एवं सीढ़ी हटाकर वाहन प्रस्तुत किया जाए। विद्यालयों की बसों में आवश्यकतानुसार सीसीटीवी कैमरा की व्यवस्था हो तथा वाहन में मालिक का नाम एवं मोबाइल नंबर भी अंकित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी वाहन स्वामी निर्धारित आवश्यक दिशा-निर्देशों एवं सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के बाद ही अपने वाहनों को फिटनेस जांच के लिए एटीएस पर प्रस्तुत करें।
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