जयपुर: राजस्थान को देश का प्रमुख औद्योगिक और निवेश हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम तेजी से आगे बढ़ा दिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के लिए लिए गए महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णयों से देश-विदेश के उद्योगपतियों और निवेशकों का भरोसा राजस्थान पर लगातार मजबूत हुआ है। इसी पारदर्शी और अनुकूल माहौल का परिणाम है कि आज प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित हो रहा है।
मुख्यमंत्री रविवार को बेंगलुरु में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान देश के अग्रणी उद्योगपतियों और संभावित निवेशकों के साथ राजस्थान में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विनिर्माण, टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, जिनका लाभ उठाकर उद्योगपति अपने व्यवसाय का तेजी से विस्तार कर सकते हैं।
औद्योगिक नीतियों और मजबूत कनेक्टिविटी से बढ़ा भरोसा
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्माने कहा कि राजस्थान की नई और उद्योग-अनुकूल नीतियां, मजबूत बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर), बेहतर लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी, कुशल मानव संसाधन (स्किल्ड मैनपावर) की आसान उपलब्धता और पारदर्शी सिंगल-विंडो प्रक्रियाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। इन सुविधाओं के चलते राज्य में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को अभूतपूर्व गति मिल रही है।
सेमीकंडक्टर, AI और डिफेंस सेक्टर के बड़े प्रस्ताव आए सामने
बेंगलुरु में हुई इस बैठक के दौरान विभिन्न प्रमुख औद्योगिक समूहों और निवेशकों ने राजस्थान में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्सलगाने तथा अपने मौजूदा प्रोजेक्ट्स का विस्तार करने को लेकर गहरी रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री के साथ चर्चा में कई अत्याधुनिक और रणनीतिक क्षेत्रों से जुड़े प्रस्ताव सामने आए।
- हाइटेक और फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी: सेमीकंडक्टर और एआई-बेस्ड (AI-based) मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स तथा जीसीसी (Global Capability Centers) ऑपरेशन्स स्थापित करने पर विचार-विमर्श।
- रक्षा व एयरोस्पेस: एयरोस्पेस और डिफेंस कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के साथ-साथ कॉपर प्रोसेसिंग और वैल्यू-एडिशन प्रोजेक्ट्स।
- एमएसएमई व एग्री-सेक्टर: एमएसएमई (MSME) सेक्टर के लिए इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल पार्क, बायो-एनर्जी और एग्री-इनोवेशन पार्क्स की स्थापना।
- टेक्सटाइल व लॉजिस्टिक्स: टेक्निकल टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग, फुटवियर प्रोडक्शन यूनिट्स और कोल्ड-चेन एवं रेफ्रिजरेशन मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम।
- सस्टेनेबिलिटी व टूरिज्म: रबर रीसाइक्लिंग प्रोजेक्ट्स के अलावा टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने पर निवेशकों ने उत्सुकता जताई।
मुख्यमंत्री शर्मा ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उन्हें हर संभव सहयोग, त्वरित स्वीकृतियां और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस बैठक से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होने और आर्थिक विकास को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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