Home पंजाब पंजाब में बड़ा प्रशासनिक फैसला, दो PCS अधिकारियों की प्रमोशन वापस
पंजाब

पंजाब में बड़ा प्रशासनिक फैसला, दो PCS अधिकारियों की प्रमोशन वापस

Share
Share

पंजाब सरकार ने अनिवार्य विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाने पर दो पीसीएस अफसरों प्रोमिला और अमरदीप सिंह को पदोन्नति के बाद पदावनत कर दिया है।
सामान्य प्रशासन विभाग में निजी सचिव रह चुकीं प्रोमिला को फरवरी 2021 में पीसीएस पद पर प्रमोट किया गया था, जबकि जिला राजस्व अधिकारी रहे अमरदीप सिंह को सितंबर 2022 में यह पदोन्नति मिली थी। अब उन्हें अपने मूल विभागों में पुराने पदों पर सेवाएं देनी होंगी।विज्ञापन

मुख्य सचिव की ओर से जारी पत्र में दोनों अफसरों को अपने पुराने पदों पर सेवाएं देने के आदेश दिए गए हैं। पंजाब के कार्मिक विभाग ने अफसरों समेत अन्य संबंधित विभागों को भी आदेशों की प्रतियां भेज दी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग में बताैर निजी सचिव कार्यरत प्रोमिला को फरवरी 2021 में पीसीएस के पद पर प्रमोशन दी गई थी।

संबंधित विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करना था जरूरी

नियमानुसार महिला अफसर को अपनी सेवाओं के एक से डेढ़ वर्ष के भीतर सिविल सेवा (विभागीय परीक्षा) नियम, पंजाब- 2014 के नियम 4(4) के तहत संबंधित विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी था। इसके लिए उन्हें अगस्त 2021, फरवरी 2022, अक्तूबर 2022 और मई 2023 में चार माैके दिए गए मगर चारों परीक्षाओं में वे उत्तीर्ण नहीं हो पाईं।

इतना ही नहीं महिला अफसर को परीक्षा पास करने के लिए दिसंबर 2023 और जून 2024 में दो मर्सी चांस भी दिए गए। इस दौरान उन्हें यह भी स्पष्ट कर दिया गया था कि इसके बाद उन्हें अन्य अवसर नहीं मिलेगा मगर दोनों मर्सी चांस में भी महिला अफसर उत्तीर्ण नहीं हो पाईं। लिहाजा महिला अफसर को अब तत्काल प्रभाव से अपने मूल सामान्य प्रशासन विभाग में रिपोर्ट करने का निर्देश दे दिया गया है।

चार बार परीक्षा देने ही नहीं पहुंचे अफसर

अन्य अफसर अमरदीप सिंह को सितंबर 2022 में बतौर पीसीएस पदोन्नत किया गया था। उन्हें भी नियुक्ति के एक से डेढ़ साल के भीतर इसके लिए अनिवार्य परीक्षा पास करनी थी। इसके लिए उन्हें अक्तूबर 2022, मई 2023, दिसंबर 2023 और जुलाई 2024 में चार मौके दिए गए मगर हैरत की बात यह कि इन चारों मौकों पर संबंधित अफसर परीक्षा देने ही नहीं पहुंचे। पीसीएस पद पर प्रमोट होने से पहले वे राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग में बतौर जिला राजस्व अधिकारी के पद पर तैनात थे। लिहाजा उन्हें भी अब अपने मूल विभाग में रिपोर्ट करने के आदेश दिए गए हैं। उनके आदेश पत्र में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी ड्यूटी में लापरवाही करने पर उन्हें मुअत्तल (निलंबित) भी किया गया था।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don't Miss

पंजाब में AAP की जीत का उत्सव, कार्यकर्ताओं ने मनाया जोरदार जश्न

पंजाब में नगर निगम और काउंसिल चुनाव के नतीजों में आम आदमी पार्टी (आप) ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए बंपर...

पंजाब में AAP की बड़ी जीत, 2027 चुनाव को बताया “फाइनल” मुकाबला

चंडीगढ़। पंजाब के नगर निगम और नगर पंचायत चुनावों के नतीजों के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान पूरी तरह चुनावी तेवर में नजर आए। करीब...

Related Articles

चरणजीत चन्नी का बड़ा बयान, कहा—भगवंत मान को सिख परंपराओं का सम्मान नहीं

बरनाला। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बरनाला में मीडिया से...

अकाल तख्त साहिब का बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री भगवंत मान को ‘गुरु-द्रोही’ घोषित किया

चंडीगढ़ : सिखों की शीर्ष धार्मिक संस्था अकाल तख्त साहिब ने एक कथित...

ट्राइसिटी के कस्बों में बुनियादी ढांचे को मिलेगी रफ्तार, 250 किमी सड़क निर्माण जारी

चंडीगढ़: ट्राइसिटी से सटे कस्बों में शहरी बुनियादी ढांचे को उन्नत करने और...

अकाली दल से संभावित गठबंधन पर भाजपा का सख्त रुख, बड़े भाई की भूमिका पर जोर

लुधियाना। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने शिरोमणि अकाली दल के साथ...