खुद पर पेट्रोल छिड़का, माचिस जलाने से पहले जवानों ने पकड़ा; एसपी के सामने रखी पूरी फरियाद
भीलवाड़ा (घनश्याम बोकोलिया) 1.46 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी से परेशान एक युवक गुरुवार को न्याय की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा, लेकिन वहां उसने ऐसा कदम उठा लिया कि पूरे परिसर में सनसनी फैल गई। युवक ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया और माचिस जलाने की कोशिश की। गनीमत रही कि माचिस जलती, उससे पहले ही पुलिस जवानों की नजर उस पर पड़ गई और उन्होंने दौड़कर युवक को दबोच लिया। पेट्रोल की बोतल छीनकर पुलिस ने संभावित बड़ा हादसा टाल दिया।
जमीन के सौदे में 1.46 करोड़ हड़पने का आरोप
पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस अधीक्षक को दिए परिवाद के अनुसार, ग्राम कनेछनकला, तहसील फुलियाकलां निवासी कन्या देवी खटीक ने सांवर मल शर्मा, दयाराम कुमावत, सांवर लाल मेघवंशी और जगदीश कुमावत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि आटूण स्थित सज्जन विहार कॉलोनी में भूखंड दिलाने और पंचायत से पट्टा बनवाकर रजिस्ट्री कराने का भरोसा देकर उनसे रकम ली गई।
परिवाद के मुताबिक 3 अगस्त 2019 को 90 लाख रुपए नकद लिए गए और बाद में कुल 1 करोड़ 46 लाख रुपए की राशि ले ली गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि रजिस्ट्री के समय असली दस्तावेजों के बजाय कथित तौर पर फर्जी कागजात थमा दिए गए।
रकम मांगी तो धमकाने का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर उन्हें कथित रूप से गालियां और धमकियां दी गईं। परिवाद में जातिगत अपमान के आरोप भी लगाए गए हैं। परिवार का कहना है कि कथित धोखाधड़ी के बाद वे भारी आर्थिक संकट और मानसिक तनाव में आ गए।
SP के सामने सुनाई पूरी दास्तान
पुलिस जवान युवक को काबू में लेने के बाद उसे पुलिस अधीक्षक सागर राणा के सामने लेकर पहुंचे। युवक और उसके परिवार ने एसपी के सामने कथित धोखाधड़ी, रकम नहीं लौटाने और धमकियों की पूरी आपबीती रखी। परिवार ने मामले में निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और कथित रूप से हड़पी गई रकम की बरामदगी की मांग की।
माचिस नहीं जली, लेकिन व्यवस्था पर सवाल छोड़ गया घटनाक्रम
SP कार्यालय के बाहर युवक का पेट्रोल लेकर पहुंचना और आत्मदाह की कोशिश करना सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ फरियादियों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। समय रहते पुलिस जवानों की सक्रियता से युवक की जान बच गई, लेकिन सवाल अब भी कायम है—आखिर 1.46 करोड़ की कथित धोखाधड़ी से परेशान फरियादी को न्याय की गुहार लगाते-लगाते अपनी जान दांव पर लगाने की नौबत क्यों आई?
फिलहाल मामले में लगाए गए धोखाधड़ी, धमकी और अन्य आरोप पीड़ित पक्ष के परिवाद पर आधारित हैं। इनकी वास्तविकता पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
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