फुलेरा विधानसभा। रिपोर्ट डब्लू. गोस्वामी। नगर पालिका चुनाव को लेकर फुलेरा विधानसभा क्षेत्र में सियासी पारा चढ़ गया है। भाजपा और कांग्रेस में टिकट को लेकर दावेदारों के बीच घमासान मचा हुआ है। दोनों दलों की प्रत्याशी सूची का दावेदार बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। टिकट को लेकर पार्टी स्तर पर मंथन का दौर जारी है।
सूची जारी होते ही साफ होगी चुनावी तस्वीर
भाजपा-कांग्रेस की प्रत्याशी सूची जारी होते ही चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही कई दावेदारों के चुनावी पत्ते भी खुलने लगेंगे। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी किसे अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाती है।
बाहरी उम्मीदवारों के विरोध के सुर तेज
फुलेरा विधानसभा क्षेत्र के कई वार्डों में स्थानीय उम्मीदवार को टिकट देने की मांग उठ रही है। वार्डवासियों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि टिकट वार्ड में लंबे समय से सक्रिय स्थानीय व्यक्ति को ही मिलना चाहिए। बाहरी उम्मीदवार को टिकट दिए जाने की स्थिति में विरोध के स्वर तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
31 अगस्त के बाद दिखेगा असंतोष का असर!
टिकट वितरण के बाद संतुष्ट और असंतुष्ट दावेदारों की स्थिति भी सामने आएगी। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि 31 अगस्त को दोपहर 3 बजे के बाद पार्टी से नाराजगी रखने वाले दावेदार अपना अगला कदम तय कर सकते हैं। ऐसे में बगावत और निर्दलीय मैदान में उतरने वाले दावेदार दोनों प्रमुख दलों के समीकरण बिगाड़ सकते हैं।
किसके सिर सजेगा नगर पालिका का ताज?
फुलेरा विधानसभा क्षेत्र में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि किसके सिर नगर पालिका का ताज सजेगा? टिकट वितरण के बाद वार्डवार समीकरण, स्थानीय एकता, पार्टी संगठन और असंतुष्ट दावेदार चुनावी नतीजों पर बड़ा असर डाल सकते हैं। फिलहाल भाजपा और कांग्रेस की सूची पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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