शहर के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव से थमी रफ्तार, मांडलगढ़ में मेनाल का झरना पूरे वेग से बहा; किसानों के चेहरे खिले
भीलवाड़ा (घनश्याम बोकोलिया) जिले में बुधवार को हुई झमाझम बारिश ने जहां मौसम को सुहाना कर दिया, वहीं भीलवाड़ा शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। बारिश के बाद रामद्वारा रोड, रोडवेज बस स्टैंड, बीएसएल दफ्तर, कृषि मंडी, बड़ा मंदिर के बाहर और रेलवे अंडरब्रिज समेत कई प्रमुख इलाकों में जलभराव हो गया। सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित रहा और वाहन चालकों व राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पहली ही अच्छी बारिश में जगह-जगह पानी भरने से नगर निगम की नाला सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। बारिश से पहले नालों की सफाई के दावे किए गए थे, लेकिन बारिश के दौरान कई जगह पानी की निकासी ठप नजर आई। सड़कें जलाशय में तब्दील होने से निगम की तैयारियों की जमीनी हकीकत सामने आ गई।
हमीरगढ़ में 96, मांडलगढ़ में 78 मिमी बारिश
जल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार बुधवार सुबह 8:30 बजे तक भीलवाड़ा जिला मुख्यालय पर 45 मिमी बारिश दर्ज हुई। हमीरगढ़ में सर्वाधिक 96 मिमी, मांडलगढ़ में 78, सहाड़ा 29, कोटड़ी 28, बिजौलिया 22, जहाजपुर 20, बदनोर 12 और बनेड़ा में 11 मिमी बारिश हुई। कारोई में 62 और काछोला में 26 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बांधों में भी बारिश दर्ज हुई। जैतपुरा में 23, कोठारी में 15, मातृकुंडिया में 13, चंद्रभागा में 10 और आगूंचा बांध पर 5 मिमी बारिश हुई।
मांडलगढ़ में छलके झरने, किसानों के चेहरे खिले:-
मांडलगढ़ क्षेत्र में बीती रात और बुधवार दोपहर बाद हुई बारिश से नदी-नालों में पानी की आवक बढ़ गई। प्रसिद्ध मेनाल का झरना पूरे वेग से बहने लगा। त्रिवेणी और गोवटा में भी पानी आया, जबकि धार्मिक स्थल गुप्तेश्वर महादेव का झरना भी अच्छे वेग से बहता नजर आया।
बारिश से क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य निखर उठा। वहीं खेतों में पानी पहुंचने से किसानों के चेहरे खिल गए। खरीफ फसलों के लिए बारिश को राहतभरी माना जा रहा है।
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