15 अगस्त से चित्रकूटधाम में सर्व समाज के लिए महोत्सव का आगाज, भामाशाह अशोक पाटनी निजी हेलीकॉप्टर से पहुंचे दर्शन करने
भीलवाड़ा (घनश्याम बोकोलिया) राष्ट्र संत आचार्य मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज ने कहा कि जीवन में हमारे कर्म ही तय करते हैं कि पाप भारी होगा या पुण्य। 15 से 30 अगस्त तक चित्रकूटधाम में होने वाले ज्ञान गंगा महोत्सव में दुनिया को बदलने के बजाय स्वयं को बदलने का प्रयास करना है। चातुर्मास आत्मनिरीक्षण, संयम और आत्मकल्याण की साधना का पर्व है।
शास्त्रीनगर के सूर्यमहल में धर्म संदेश देते हुए आचार्यश्री ने कहा कि जिनका समय जिनवाणी सुनने में बीतता है, उनका पुण्य प्रबल होता है। कषाय को जीतने के लिए अपने स्वभाव में लौटना होगा। मोक्ष की राह वही है जो आत्मा के कल्याण की ओर ले जाए।
निजी हेलीकॉप्टर से पहुंचे अशोक पाटनी
आचार्यश्री के दर्शन-वंदन और धर्मचर्चा के लिए जैन समाज के प्रमुख भामाशाह एवं श्रेष्ठी अशोक पाटनी पत्नी सुशीला पाटनी के साथ बुधवार को निजी हेलीकॉप्टर से भीलवाड़ा पहुंचे। चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, संयोजक मनीष शाह, सह संयोजक लोकेश अजमेरा सहित समाजजनों ने उनका स्वागत किया। पाटनी दंपति ने आचार्यश्री के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और भीलवाड़ा में पहली बार हो रहे चातुर्मास पर प्रसन्नता जताई।
15 अगस्त से गूंजेगी ज्ञान की गंगा
चातुर्मास समिति के अनुसार 15 अगस्त को दोपहर 2 बजे चित्रकूटधाम में सर्व समाज के लिए ज्ञान गंगा महोत्सव का शुभारंभ होगा। राष्ट्रभक्ति संदेश और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। 16 से 30 अगस्त तक सुबह 8.30 से 10 बजे तक प्रवचन होंगे। 19 अगस्त को मोक्ष सप्तमी और 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर विशेष आयोजन होंगे।
महोत्सव में भीलवाड़ा सहित राजस्थान और देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। सूर्यमहल में भी प्रतिदिन सुबह धर्म संदेश तथा शाम 7 से 8 बजे तक आनंद यात्रा एवं आरती में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
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