धौलपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर द्वारा जारी एक्शन प्लान की पालना में एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राध्धिकरण, धौलपुर संजीव मागो के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में मंगलवार 25 अगस्त को सचिव रेखा यादव द्वारा जिला कारागृह धौलपुर का निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कारागार में निरुद्ध बंदियों की स्थिति, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं एवं निशुल्क विधिक सहायता की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना था। निरीक्षण के दौरान सचिव रेखा यादव ने जिला कारागृह में स्थापित प्रिजिन लीगल एड क्लिनिक के संबंध में माननीय नालसा द्वारा जारी एस.ओ.पी. में वर्णित दिशा निर्देशों की पालना सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान सचिव द्वारा कारागृह की बंदियों के लिए उपलब्ध भोजन व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा, मुलाकात व्यवस्था तथा बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया गया। उन्होंने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली। सचिव ने बंदियों को यह भी समझाया कि यदि किसी बंदी को अपने मुकदमे की पैरवी, अधिवक्ता, जमानत, अपील अथवा अन्य किसी विधिक विषय में कठिनाई हो तो वह विधिक सेवा केंद्र अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकता है। निरीक्षण के दौरान बंदियों को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि प्रत्येक व्यक्ति को कानून के समक्ष समानता एवं न्याय पाने का अधिकार है तथा पात्र व्यक्ति को आर्थिक स्थिति के कारण न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता। सचिव रेखा यादव ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य केवल न्यायालय में अधिवक्ता उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को उसके अधिकारों की जानकारी देकर उसे न्याय की मुख्यधारा से जोड़ना है। कारागृह में निरुद्ध बंदियों को भी उनके विधिक अधिकारों एवं उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी मिलना अत्यंत आवश्यक है।
कारागृह में संचालित लीगल एड क्लिनीक का भी निरीक्षण किया गया निरीक्षण दौरान बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, अधिवक्ता उपलब्ध कराने, विधिक सलाह, प्रकरण की स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण दौरान सचिव रेखा यादव ने एलएडीसी अधिवक्तागणों को निर्देशित किया कि कोई भी पात्र बंदी आर्थिक अभाव के कारण अधिवक्ता की सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। ऐसे बंदियों की पहचान कर उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। बंदियों को उनके प्रकरण में पैरवी की स्थिति, जमानत की संभावना तथा उपलब्ध विधिक उपचारों के संबंध में भी आवश्यक जानकारी प्रदान की जाए।
निरीक्षण दौरान सचिव रेखा यादव, चीफ एलएडीसी अमित कमठान, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल पप्पू गुर्जर, असिस्टेंट एलएडीसी, आराधना शर्मा प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डंडौतिया, जेल अधीक्षक सुमन कुमारी मीणा सहित कारागृह का स्टॉफ एवं बंदीजन मौजूद रहे।
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