– बदलती जीवनशैली और गलत आदतों के कारण बढ़ रही जोड़ों की समस्याएं
नोएडा। आजकल घुटनों और जोड़ों में दर्द की समस्या सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधि की कमी और गलत खानपान इसकी प्रमुख वजह बनते जा रहे हैं। ऐसे में समय रहते सावधानी और सही इलाज बेहद जरूरी है।
फेलिक्स हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिशियन डॉ. पियूष कुमार सिंह ने बताया कि जोड़ों का दर्द कई कारणों से हो सकता है, जिनमें गठिया, चोट, कैल्शियम की कमी और मोटापा प्रमुख हैं। खासतौर पर घुटनों पर शरीर का पूरा वजन पड़ता है, जिससे उनमें घिसाव की समस्या बढ़ जाती है। यदि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
जोड़ों के दर्द के सामान्य लक्षणों में चलने-फिरने में परेशानी, सूजन, अकड़न, सीढ़ियां चढ़ने में दर्द और सुबह के समय जकड़न महसूस होना शामिल है। कई बार दर्द इतना बढ़ जाता है कि दैनिक कार्य करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।
डॉ. पियूष कुमार सिंह के अनुसार, जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम बेहद जरूरी है। हल्का व्यायाम, टहलना और योग से जोड़ों की लचीलापन बना रहता है। इसके साथ ही कैल्शियम और विटामिन-डी से भरपूर आहार लेना चाहिए, जैसे दूध, दही, हरी सब्जियां और धूप में समय बिताना।
वहीं, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बचना चाहिए और सही शारीरिक मुद्रा अपनानी चाहिए। वजन नियंत्रित रखना भी बहुत जरूरी है, क्योंकि ज्यादा वजन जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
इलाज की बात करें तो शुरुआती अवस्था में दवाइयों, भौतिक चिकित्सा और जीवनशैली में बदलाव से राहत मिल सकती है। लेकिन गंभीर स्थिति में शल्य चिकित्सा जैसे विकल्प भी अपनाने पड़ सकते हैं। इसलिए दर्द को नजरअंदाज करने की बजाय समय पर जांच और उपचार कराना जरूरी है।
बचाव के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच कराना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी समस्या का समय रहते पता चल सके और उसका उपचार शुरू किया जा सके। संतुलित आहार में कैल्शियम, विटामिन-डी, प्रोटीन और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन शामिल करना चाहिए, जिससे हड्डियां और जोड़ मजबूत बने रहें। इसके साथ ही सक्रिय जीवनशैली अपनाना, जैसे रोजाना टहलना, हल्का व्यायाम और योग करना, जोड़ों की लचक और मजबूती बनाए रखने में मदद करता है। सही आदतों में लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठना, सही शारीरिक मुद्रा बनाए रखना, वजन नियंत्रित रखना और धूम्रपान जैसी हानिकारक आदतों से दूर रहना शामिल है। ये सभी उपाय मिलकर जोड़ों से जुड़ी समस्याओं से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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