करतार सिंह की रिपोर्ट
कृष्णा सरोवर के पास मंदिर परिसर में दिनभर रही श्रद्धालुओं की चहल-पहल, जयकारों से गूंजा पूरा क्षेत्र
जयपुर। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर राजधानी जयपुर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। मानसरोवर स्थित कृष्णा सरोवर के पास इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह से ही मंदिर की ओर श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो गया था और दिन बढ़ने के साथ भक्तों की संख्या भी बढ़ती गई।
मंदिर परिसर में चारों ओर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे और भजनों की गूंज सुनाई दी। श्रद्धालु परिवार के साथ मंदिर पहुंचे और भगवान कृष्ण के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। जन्माष्टमी के पर्व को लेकर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। कई श्रद्धालु भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन नजर आए।

विशेष सजावट ने मोहा मन
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। फूलों, रोशनी और धार्मिक सजावट से मंदिर परिसर का वातावरण देखते ही बन रहा था। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की झांकियां और विशेष श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों और भजनों ने वातावरण को पूरी तरह कृष्णमय बना दिया।

कृष्णा सरोवर के आसपास भी बढ़ी रौनक
इस्कॉन मंदिर के साथ ही कृष्णा सरोवर के आसपास भी जन्माष्टमी के चलते श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ी रही। बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंचने के साथ आसपास के क्षेत्र में भी नजर आए। परिवारों ने इस पावन अवसर को उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया।
श्रद्धालुओं का कहना था कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व उनके लिए आस्था और आनंद का प्रतीक है। जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण के दर्शन और पूजा करने से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
भक्ति में डूबा नजर आया पूरा क्षेत्र
जन्माष्टमी के अवसर पर मानसरोवर का यह क्षेत्र देर तक भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। मंदिर में गूंजते भजन, भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे और श्रद्धालुओं की आस्था ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग दे दिया। श्रद्धालुओं में भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
कृष्ण जन्माष्टमी ने एक बार फिर लोगों को भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम, भक्ति और धर्म के संदेश से जोड़ दिया। मानसरोवर स्थित इस्कॉन मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ इस बात की गवाही देती नजर आई कि राजधानी जयपुर में कृष्ण भक्ति की आस्था आज भी उतनी ही मजबूत और जीवंत है।
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