भीलवाड़ा -(घनश्याम बोकोलिया)
राजस्थान सरकार द्वारा हाल ही में मीडिया व न्यूज़ एजेंसियों के माध्यम से जारी किए गए ओबीसी सर्वे के आंकड़ों में रावणा राजपूत समाज की आबादी को लेकर गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। प्रदेश में विशाल आबादी वाले रावणा राजपूत समाज की जनसंख्या को मात्र 6 लाख दर्शाए जाने से समाज में भारी आक्रोश है। समाज ने इसे अपना अपमान और भ्रामक संदेश फैलाने का प्रयास बताया है। इस घोर अन्याय, त्रुटिपूर्ण सर्वे और समाज की वर्षों पुरानी मांगों की उपेक्षा के विरोध में आज प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत श्श्री अखिल रावणा राजपूत सेवा संस्थान, भीलवाड़ाश् द्वारा जिला कलेक्टर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में समाज की मुख्य मांगें – (1) ओबीसी सर्वे में विशाल जनसंख्या वाले समाज को मात्र 6 लाख दिखाए जाने की घोर निंदा करते हुए मांग की गई कि पिछड़ा वर्ग आयोग की संपूर्ण रिपोर्ट, डेटा तथा गांव व तहसीलवार आंकड़े तुरंत सार्वजनिक किए जाएं, (2) त्रुटिपूर्ण व षड्यंत्रकारी सर्वे का निष्पक्ष सत्यापन कराकर सर्वे से छूटे हुए समाज के प्रत्येक परिवार का पुनः निष्पक्ष सर्वे कराया जाए।
इस दौरान भीलवाड़ा जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह गुढ़ा, हिम्मत सिंह (झोपड़ियां), पीरू सिंह गौड़, बाबू सिंह राणावत, भेरू सिंह भाटी, कांता कंवर (कारोई), निशा कँवर गौड़, अल्का कंवर, भगवती कंवर सांखला, सुनीता कंवर, मुकेश सिंह (आटून), सिल्वर बन्ना (मालोला), रानू सिंह (मालोला), भेरू सिंह (गुरला), पप्पू सिंह रावणा, अमर सिंह, अनुराधा कंवर (पालड़ी), संजू कंवर, रेखा कंवर, पूनम कंवर सहित समाज के सैकड़ों गणमान्य नागरिक और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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