Home राजस्थान राजस्थान की जेलों में कैदियों की मौत से उठे सवाल
राजस्थान

राजस्थान की जेलों में कैदियों की मौत से उठे सवाल

Share
Share

अजमेर में जेल के भीतर हत्या, दौसा और टोंक में कैदियों की मौत—सलाखों के पीछे सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न

स्पेशल रिपोर्ट: करतार सिंह
जयपुर। राजस्थान की जेलों में कैदियों की सुरक्षा और जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या, दौसा की श्यालावास जेल में बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और टोंक जेल में कैदी की मौत से जुड़े मामलों ने जेलों की आंतरिक व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अजमेर: हाई-सिक्योरिटी जेल में कैदी की हत्या

राजस्थान की हाई-सिक्योरिटी जेल मानी जाने वाली अजमेर जेल में 29 जून को कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या ने सबसे बड़ा सवाल खड़ा किया। पुलिस के अनुसार, उसी सेल में बंद एक अन्य कैदी ने हाथापाई के बाद कथित तौर पर तौलिए से उसका गला घोंट दिया। घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों की निगरानी पर सवाल उठे।

हाई-सिक्योरिटी जेल में कैदी की हत्या होना इस बात की जांच की मांग करता है कि कैदियों के बीच विवाद की जानकारी जेल प्रशासन को कब मिली, निगरानी कितनी प्रभावी थी और घटना के दौरान सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी एवं प्रतिक्रिया कैसी रही।

दौसा: बंदी की संदिग्ध मौत से हंगामा

दौसा की श्यालावास जेल में 11 अगस्त को बंदी लटूरमल मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई। परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा करते हुए जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। मामले की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
यहां सबसे बड़ा सवाल यही है कि बंदी की तबीयत कब बिगड़ी, जेल प्रशासन ने तत्काल क्या कदम उठाए और अस्पताल पहुंचाने में कितना समय लगा। इन सवालों के जवाब जांच से सामने आना जरूरी है।

टोंक: जेल में कैदी की मौत, इलाज पर सवाल

टोंक कारागृह में सजा काट रहे एक कैदी की मौत का मामला भी सामने आया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार कैदी की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे उपचार के लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

ऐसे मामलों में मेडिकल रिकॉर्ड, जेल का स्वास्थ्य रजिस्टर, अस्पताल रेफरल का समय और पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकते हैं।

तीन घटनाएं, एक बड़ा सवाल

अजमेर में जेल के भीतर हत्या, दौसा में संदिग्ध परिस्थितियों में बंदी की मौत और टोंक में कैदी की मौत के बाद इलाज पर उठे सवाल—तीनों मामले अलग-अलग हैं, लेकिन इनके बीच एक समान सवाल दिखाई देता है: जेल की चारदीवारी के भीतर बंद कैदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी कितनी प्रभावी है?

जेल प्रशासन की जवाबदेही तय करने के लिए हर मामले में निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज की जांच, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के बयान, मेडिकल रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सामने रखना जरूरी है।

जांच बताएगी—लापरवाही, विवाद या कोई और वजह?

इन मामलों में किसी अधिकारी या कर्मचारी को सीधे दोषी ठहराना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा। लेकिन घटनाओं ने जेल प्रशासन के सामने कई गंभीर सवाल जरूर खड़े किए हैं। यदि कहीं सुरक्षा में चूक हुई है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और यदि मौत प्राकृतिक अथवा बीमारी के कारण हुई है तो पोस्टमार्टम और मेडिकल जांच के जरिए स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।

राजस्थान की जेलें अपराधियों को सजा देने के साथ-साथ उनके जीवन और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभाती हैं। इसलिए सलाखों के पीछे होने वाली हर मौत की पारदर्शी जांच सिर्फ परिजनों के लिए नहीं, बल्कि पूरी जेल व्यवस्था पर जनता के भरोसे के लिए जरूरी है।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don't Miss

त्योहारी सीजन में खाद्य विभाग की सख्ती, मिठाई-पनीर-मावा व कुकिंग ऑयल के लिए नमूने

त्योहारी सीजन में खाद्य प्रतिष्ठानों पर सीएमएचओ डॉ मीणा के नेतृत्व में कार्रवाई, मिठाई, पनीर, मावा एवं कुकिंग ऑयल के लिए गए नमूने,...

सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की होगी नेत्र जांच, 75 हजार जरूरतमंद बच्चों को मिलेंगे चश्मे, गत वर्ष 71 हजार से अधिक बच्चों को चश्मे वितरित किए गए

धौलपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खीवसर ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों पर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत...

Related Articles

रोजगार विभाग की उपलब्धियों का दिखा असर, 15,229 युवाओं का निजी संस्थानों में प्राथमिक चयन

जयपुर। रिपोर्ट डब्लू गोस्वामी संभागीय रोजगार कार्यालय जयपुर की संयुक्त निदेशक श्रीमती...

आरआर होम कॉलोनी में धूमधाम से मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवस

जयपुर। रिपोर्ट डब्लू गोस्वामी कनकपुरा रेलवे स्टेशन के पास स्थित आरआर होम...

तिरंगे के रंग में रंगा भीलवाड़ा, जयकारों से गूंजा शहर

भाजपा के आह्वान पर चार मंडलों से निकली तिरंगा यात्रा, हजारों कार्यकर्ताओं...

आजादी की पूर्व संध्या पर देशभक्ति के रंग में रंगा भीलवाड़ा

महाराणा प्रताप सभागार में गूंजे देशभक्ति गीत, छात्र-छात्राओं की जोशीली प्रस्तुतियों ने...