धौलपुर। चकोली शैक्षणिक एवं सामाजिक विकास समिति की ओर से आयोजित वार्षिक छात्रवृत्ति एवं सम्मान समारोह राजकीय महाविद्यालय धौलपुर में उत्साह और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 36 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, समाजसेवा और खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय धौलपुर के प्राचार्य डॉ. गिर्राज सिंह मीणा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल शिक्षा प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि वह समाज का आइना होता है। शिक्षक अपनी शिक्षा, आचरण, संस्कार और व्यवहार के माध्यम से आने वाली पीढ़ी के साथ-साथ पूरे समाज की दिशा तय करता है। समाज निर्माण में शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसी कारण समाज में शिक्षक का स्थान सर्वोच्च माना गया है।
उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि विद्यार्थी अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने के साथ-साथ अपने गुरुजनों का सदैव सम्मान करें। गुरु द्वारा दिए गए ज्ञान और संस्कारों को अपने जीवन में उतारना ही विद्यार्थी की वास्तविक उपलब्धि है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करने की अपील की।
शिक्षा के क्षेत्र में संस्था का योगदान सराहनीय
समारोह में पूर्व वाइस चांसलर डॉ. मनरूप सिंह मीणा ने कहा कि चकोली शैक्षणिक एवं सामाजिक विकास समिति ने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते हुए अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। संस्था द्वारा जरूरतमंद और प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने का कार्य सराहनीय है। छात्रवृत्ति जैसे प्रयास विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। डॉ. ए.के. बेरी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में शिक्षक की जिम्मेदारियां पहले की अपेक्षा और अधिक बढ़ गई हैं। बदलते सामाजिक परिवेश में शिक्षक को विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों, अनुशासन और संस्कारों की शिक्षा भी देनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। पूर्व प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय धौलपुर डॉ. रामराज लाल शर्मा ने कहा कि शिक्षक स्वयं दीपक की तरह जलकर समाज को रोशनी देने का कार्य करता है। शिक्षक अपने ज्ञान से विद्यार्थियों का भविष्य संवारने के साथ समाज को नई दिशा प्रदान करता है। ऐसे समर्पित शिक्षकों को नमन किया जाना चाहिए।
27 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य
समिति के संस्थापक सदस्य पंडित दुर्गा दत्त शास्त्री ने कहा कि चकोली शैक्षणिक एवं सामाजिक विकास समिति पिछले 27 वर्षों से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। संस्था का उद्देश्य प्रतिभावान एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी समिति अपने सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यों को और व्यापक रूप देगी। डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि उनके पिताजी ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जो सपना देखा था, उसे परिवार के सभी भाई मिलकर पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और जरूरतमंद प्रतिभाओं को सहयोग उपलब्ध कराना संस्था के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
समिति के कृष्ण कुमार शर्मा ने कहा कि आने वाले दिनों में संस्था की ओर से और अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है, ताकि आर्थिक कारणों से किसी प्रतिभावान विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित न हो।
शिक्षा और खेल क्षेत्र की प्रतिभाओं का सम्मान
समारोह के दौरान शिक्षा एवं समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को समिति की ओर से सम्मानित किया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक समर्पित सेवाएं देने वाले पूर्व उप प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय धौलपुर प्रोफेसर अनिल कुमार बेरी को शिक्षा के प्रति उनके समर्पण और योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही उनके पूरे परिवार के शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित रहने के लिए भी समिति की ओर से सम्मान किया गया। इसी क्रम में सेवानिवृत्त शिक्षक विशंभर दयाल शर्मा को भी शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। खेल के क्षेत्र में विशेष योगदान देने तथा राष्ट्रीय स्तर पर फुटबॉल के क्षेत्र में धौलपुर का नाम गौरवान्वित करने के लिए जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष गुरमीत मान का भी समिति की ओर से सम्मान किया गया।
80 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मिली छात्रवृत्ति
समारोह में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं सम्मान प्रदान किया गया। छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में निशा कुमारी, लवी, मनजीत सिंह जादौन, उपासना, कीर्ति चौहान, पूजा, मनोज कुमार, कंचन, छवि सोनी, आशु, शिवानी, खुशबू परमार, रक्षा सैन, मधु कुमारी, राखी प्रजापति, पवन, मधु, सौरभ राजपूत, जानवी मुद्गल, तरंग, राखी, साक्षी, अनु, प्राची, सलोनी, सुखदेवी, अलीशा, नीलम, विष्णु, स्नेहा, वर्षा, खुशी पाराशर, सुधा कुमारी, वैष्णवी और अनन्या शर्मा सहित कुल 36 विद्यार्थी शामिल रहे। छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी और उत्साह नजर आया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार मेहनत कर उच्च उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में विद्यार्थियों के लिए केवल अच्छे अंक प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है। शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी जरूरी है। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करना चाहिए।
समिति के कोषाध्यक्ष गौरव गर्ग ने समारोह में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं गणमान्य नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समिति पिछले 27 वर्षों से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है और भविष्य में भी यह अभियान पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा।
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