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स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, चिकित्सा संस्थानों को बचाव एवं उपचार की तैयारियां रखने के निर्देश

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धौलपुर। स्वाइन फ्लू एच1एन1 की संभावित स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धर्मसिंह मीणा के निर्देश पर जिले में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। डॉ. मीणा ने जिले के सभी चिकित्सा संस्थानों को स्वाइन फ्लू की रोकथाम, मरीजों की समय पर पहचान एवं उपचार के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, मरीजों की स्क्रीनिंग तथा गंभीर मरीजों के लिए समुचित उपचार एवं रेफरल व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि बुखार, खांसी एवं सांस संबंधी लक्षणों वाले मरीजों की गंभीरता से जांच कर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए, ताकि बीमारी की जटिलताओं को रोका जा सके। साथ ही आमजन को स्वाइन फ्लू से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

तेज बुखार और लगातार खांसी प्रमुख लक्षण

उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चेतराम मीणा ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लक्षण कई बार सामान्य मौसमी बीमारी जैसे दिखाई दे सकते हैं। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना या नाक बंद होना, सिरदर्द, बदन एवं मांसपेशियों में दर्द तथा अत्यधिक थकान शामिल हैं। कुछ मरीजों में उल्टी एवं दस्त की शिकायत भी हो सकती है।

उन्होंने बताया कि यदि मरीज को सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या सुस्ती, होंठ अथवा नाखून नीले पड़ना जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सा संस्थान पर पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। समय पर उपचार जरूरी डॉ. चेतराम मीणा ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मरीजों का उपचार उनकी स्थिति और चिकित्सकीय जांच के आधार पर किया जाता है। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आवश्यक एंटीवायरल उपचार उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि स्वयं से दवाओं का सेवन करने के बजाय लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में चिकित्सक से परामर्श लें। उन्होंने कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए खांसते-छींकते समय मुंह एवं नाक को ढकें, साबुन से बार-बार हाथ धोएं, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचें तथा बीमारी के लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से परहेज करें। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सावधानी और समय पर उपचार बेहद जरूरी है। आमजन बुखार, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को सामान्य मौसमी बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें तथा लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें।

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