सांभर झील। आर्योदय गुरुकुलम् में नवप्रविष्ट ब्रह्मचारियों का उपनयन एवं वेदारम्भ संस्कार वैदिक रीति से स्वामी ओमानन्द सरस्वती के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। गुरुकुल संस्थापक आचार्य सत्यम आर्य ने गायत्री मंत्र की दीक्षा दिलाई और ब्रह्मचारियों ने अनुशासन, राष्ट्रसेवा व समाजसेवा का संकल्प लिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. ओमप्रकाश दायमा ने संस्कारयुक्त शिक्षा को आवश्यक बताया। ब्रह्मचारियों प्रणीत आर्य, यश आर्य, सुमित आर्य एवं प्रणवाक्ष आर्य ने लघुनाटिका व अपने अनुभव प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ज्ञान प्रकाश दायमा ने किया, जबकि आचार्या अभिलाषा सिंह ने व्यवस्थाओं में सहयोग दिया। समारोह में आर्य समाज के प्रधान अशोक कयाल, संजय तोषनीवाल, राहुल अग्रवाल, नन्दकिशोर साँभरिया, महादेव आहूजा, रवि शंकर सांभरिया, टीकम चंद मालाकार, एवं बृजेश सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में आचार्य सत्यम आर्य ने आभार व्यक्त किया।
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