धौलपुर। नगर पालिका क्षेत्र राजाखेड़ा, पटवार सर्किल जरिया नं. 2 स्थित खसरा नं. 4186, जो कि राजस्व अभिलेखों में “गैर मुमकिन रास्ता” के रूप में दर्ज सार्वजनिक मार्ग है, वर्तमान समय में व्यापक अतिक्रमण का शिकार हो चुका है। उक्त रास्ता सेठींया मोटर से प्रारंभ होकर राजेंद्र स्टोन कंपनी के सामने से गुजरते हुए धौलपुर रोड को क्रॉस करता है तथा आसाराम मास्टर के घर के सामने से धौलपुर रोड के समानांतर चलते हुए दिघी बिजली घर से पूर्व पुनः धौलपुर रोड में मिल जाता है।
लगभग 2 किलोमीटर लंबे इस ऐतिहासिक सार्वजनिक मार्ग का उपयोग पूर्व समय में आमजन एवं परिवहन हेतु किया जाता था। स्थानीय नागरिकों के अनुसार राम खिलाड़ी चौराहे से धौलपुर जाने वाली बसें भी इसी रास्ते से संचालित होती थीं। वर्तमान में इस रास्ते पर प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण आमजन, किसानों एवं राहगीरों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अनेक किसानों के खेतों तक पहुंचने वाले रास्ते पूर्णतः अवरुद्ध हो चुके हैं, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि एक ओर राज्य सरकार किसानों एवं जनता की सुविधा हेतु करोड़ों रुपये व्यय कर नए रास्तों का निर्माण करा रही है, वहीं दूसरी ओर पहले से उपलब्ध सरकारी सार्वजनिक मार्ग भ्रष्टाचार एवं प्रशासनिक उदासीनता के कारण अतिक्रमण की भेंट चढ़ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा का विषय है कि नगर पालिका के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों एवं पूर्व जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से इस सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण को संरक्षण दिया गया। समय-समय पर केवल औपचारिक नोटिस जारी कर कार्रवाई का दिखावा किया गया तथा वास्तविक रूप से रास्ता खुलवाने के बजाय भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला। आज भी स्थिति यह है कि जब-जब अवैध वसूली की संभावना बनती है, तब-तब नोटिस जारी कर जनता को भ्रमित किया जाता है, परंतु स्थायी समाधान नहीं किया जाता। महोदय, यह रास्ता धौलपुर रोड के समानांतर स्थित होने के कारण नगर की बढ़ती आबादी एवं यातायात दबाव को कम करने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकता है। यदि उक्त सार्वजनिक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराया जाता है तो—
- किसानों को अपने खेतों तक पुनः सुगम आवागमन प्राप्त होगा।
- नगर की यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा।
- आमजन को वैकल्पिक एवं सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा।
- सरकारी भूमि एवं सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा सुनिश्चित होगी।
भ्रष्टाचार एवं अतिक्रमण माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा। अतः श्रीमान जी से विनम्र निवेदन है कि जनहित एवं किसानों के हित को दृष्टिगत रखते हुए उक्त गैर मुमकिन सार्वजनिक रास्ते की निष्पक्ष जांच करवाकर तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण हटाने हेतु रामू राठौर, आकाश राठौर, रमेश ठाकुर, अर्जुन सिंह, सुरेन्द्र परिहार एडवोकेट, श्री भगवान पोद्दार, बंटू आदि ने प्रशासन को पत्र प्रेषित किए है।
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