फुलेरा। रिपोर्ट डब्लू गोस्वामी। श्री दादू आश्रम फुलेरा में चातुर्मास के दौरान दादूवाणी कथा, सत्संग एवं ज्ञान यज्ञ का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर संत शिरोमणि दादू दयाल जी महाराज की अमृतमयी वाणी का श्रवण किया।
आश्रम के महंत संत रामप्रकाश स्वामी ने दादूवाणी का भावपूर्ण वर्णन करते हुए सत्संग की महिमा बताई। उन्होंने दादू दयाल जी महाराज की साखी— “सहजे सहेजे होएगा, जै कुछ रचिया राम, काहे को कलपे मरे दुखी होत बैकाम”—का भावार्थ समझाते हुए कहा कि मनुष्य को जीवन में धैर्य और विश्वास बनाए रखते हुए परमात्मा के विधान पर भरोसा रखना चाहिए। व्यर्थ की चिंता और कल्पना में दुखी होना उचित नहीं है।
कथा एवं सत्संग के बाद भव्य महाआरती हुई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से दादू दयाल जी महाराज का स्मरण किया। इसके बाद श्रद्धालुओं को महाप्रसादी का वितरण किया गया। शुक्रवार की सेवा स्थानीय देवी नारायण कुमावत के सौजन्य से संपन्न हुई।
इस अवसर पर ढींढा से स्वामी श्रवण दास जी, उग्रास से रामगोपाल कुमावत, रूप कुमार पारमवाल, भंवर लाल भोडीवाल, रामपाल कुमावत, रमेश भोडीवाल सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। आश्रम व्यवस्थापक धर्मदास स्वामी ने आयोजन की जानकारी दी।
Leave a comment