जर्जर भवन और 2 कमरों में चल रहा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बच्चों की सुरक्षा पर संकट
धौलपुर। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (गोपीनाथ) के दो दर्जन से अधिक अभिभावकों एवं स्थानीय नागरिकों ने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) राजाखेड़ा को ज्ञापन सौंपकर विद्यालय के नए भवन निर्माण और भूमि आवंटन की मांग की है। अभिभावकों ने बताया कि वर्तमान में संचालित गोपीनाथ विद्यालय का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। मात्र दो कमरों में सीनियर सेकेंडरी स्तर का विद्यालय संचालित होने से बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों गंभीर संकट में हैं।
खसरा संख्या 3949 पर बने नया भवन ज्ञापन में मांग की गई कि हाट मैदान रोड स्थित बालिका विद्यालय की जमीन (खसरा नंबर 3949) पर गोपीनाथ विद्यालय के नए भवन निर्माण हेतु आवश्यक बजट स्वीकृत किया जाए। यह क्षेत्र गरीब, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग बाहुल्य है। नया भवन बनने से यहां छात्रों का नामांकन 1000 से अधिक होने की पूरी संभावना है। अतिक्रमण और फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई की मांग
‘बालिका विद्यालय अतिक्रमण हटाओ संघर्ष समिति’ के कार्यकर्ता दीवान सिंह दिवाकर ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व मनगढ़ंत नक्शे और फर्जी दावों के जरिए न्यायालय में वाद दायर कर सरकारी कार्य में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सार्वजनिक व सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ बीएनएस के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। अस्थाई रूप से सामुदायिक भवन में चले कक्षाएं अभिभावकों ने मांग रखी कि जब तक खसरा नंबर 3949 में विद्यालय का नया भवन बनकर तैयार नहीं होता, तब तक जाटव बस्ती स्थित सामुदायिक भवन में विद्यालय संचालन की अनुमति दी जाए। वर्तमान में इस सामुदायिक भवन में कुछ कर्मचारी अनाधिकृत रूप से निवास कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कर्मचारियों को मकान किराया भत्ता (HRA) मिलता है, अतः वे निजी आवास में रह सकते हैं और बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत सामुदायिक भवन को अस्थाई स्कूल के रूप में उपयोग करने दिया जाए।
दान की गई भूमि पर शिक्षा का अधिकार अभिभावकों ने स्मरण कराया कि पूर्व चेयरमैन ठाकुर अजब सिंह द्वारा यह भूमि शिक्षा कार्य (सरस्वती मंदिर) के लिए दान की गई थी। विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) ने भी इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर उच्चाधिकारियों को भेजा हुआ है। अभिभावकों व संघर्ष समिति ने प्रशासन से गुहार लगाई कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और शिक्षा के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए भूमि को तत्काल कब्जा मुक्त कराकर गोपीनाथ विद्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए।
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