नोएडा: सेक्टर-105 के पास ही गढ़ी समसपुर गांव निवासी मुनेंद्र का कहना है कि वह डिलिवरी बॉय का काम करता है। जिस समय यह घटना हुई, वह उस वक्त वह सामान डिलिवरी करने जा रहा था। उन्होंने मौके पर पुलिस और लोगों को मौजूद देखकर अपनी भी बाइक रोक ली। जब वह घटना स्थल के पास पहुंचा तो युवराज मेहता मोबाइल की लाइट जलाकर जान बचाने के लिए चिल्ला रहा था, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मी और लोग उसको बचाने के लिए पानी में नहीं उतारे।
वहीं, मौजूद पुलिसकर्मी ने भी ठंडा पानी और अंदर सरिया होने की बात कहा कर पानी में जाने से मना कर दिया, लेकिन युवराज के पिता राजकुमार मेहता अपने बेटे की जान बचाने के लिए लोगों से गुहार लगाते रहे। पर, कोई भी पानी में जाने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद वह युवराज को बचाने के लिए मुनेंद्र रस्सी बांध कर पानी में उतर गया, लेकिन आधे घंटे तक तलाश करने के बाद भी युवराज नहीं मिला।
घटना की पूरी जानकारी चश्मदीद मुनेंद्र ने मीडिया और आम लोगों बयान दिए तो पुलिस ने पूछताछ के लिए उसे थाने बुला लिया। वहीं, उसका कहना है कि थाने बुलाने के बाद पुलिस ने 5 घंटे तक उसे थाने में बैठाए रखा। इसके बाद पुलिस और सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, उन्हें बिल्डर से अपनी जान पर खतरा महसूस हो रहा है। मुनेंद्र का आरोप है कि बड़े बिल्डर खुद को बचाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।
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