Home राजस्थान राजस्थान कांग्रेस में सीएम चेहरे को लेकर सियासी हलचल तेज
राजस्थान

राजस्थान कांग्रेस में सीएम चेहरे को लेकर सियासी हलचल तेज

Share
Share

राजस्थान की सियासत में फिर हलचल तेज, सचिन पायलट और अशोक गहलोत गोविंद सिंह डोटासरा के नाम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर गर्म।

स्पेशल रिपोर्ट करतार सिंह के साथ

राजस्थान में कांग्रेस की सत्ता में वापसी के लिए राजनीतिक गलियारों और ग्राउंड रिपोर्ट से तीन बड़े चेहरों की चर्चा रहती है

​1. सचिन पायलट – बदलाव और युवा ऊर्जा का चेहरा
​मजबूत दावेदारी: युवाओं और गुर्जर-ओबीसी समुदाय में व्यापक लोकप्रियता।
​संगठनात्मक अनुभव: 2014-2020 तक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए 2018 में कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने में मुख्य भूमिका निभाई।
​ताकत पार्टी कैडर में नया जोश, आक्रामक राजनीतिक शैली और भविष्य की राजनीति के लिए ‘न्यू जेनरेशन’ का चेहरा होना बहुत ही जरूरी है।

​2. गोविंद सिंह डोटासरा (संगठन और आक्रामक रणनीति)
​जाट समुदाय और क्षेत्रीय प्रभाव: शेखावाटी और जाट राजनीति में गहरी पकड़।
​संगठनात्मक पकड़: वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में विपक्ष की भूमिका में सरकार को घेरने और जमीनी कैडर को जोड़े रखने का अनुभव।

​3. अशोक गहलोत (अनुभव और जनाधार)
​वरिष्ठता और कल्याणकारी योजनाएं: 3 बार मुख्यमंत्री रहने का विशाल अनुभव।
​ताकत: हर वर्ग में व्यक्तिगत पकड़, सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं की साख और कांग्रेस कैडर पर मजबूत नियंत्रण।
​भूमिका: उम्र और पीढ़ीगत बदलाव की चर्चाओं के बीच वे पार्टी के मुख्य रणनीतिकार और ‘संरक्षक’ की भूमिका निभाते हैं।

वापसी का मुख्य समीकरण
​राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार और ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर

राजस्थान में कांग्रेस की वापसी किसी एक अकेले चेहरे की बजाय सचिन पायलट के युवा जनाधार और अशोक गहलोत-डोटासरा के सांगठनिक/सामाजिक गठजोड़ के सामूहिक नेतृत्व पर सबसे ज्यादा निर्भर करेगी। हालांकि, बदलाव की मांग और युवा मतदाताओं को आकर्षित करने के लिहाज से सचिन पायलट को वापसी का सबसे बड़ा और संभावित चेहरा माना जाता है।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don't Miss

राजस्थान प्रांतीय तैलिक साहू महासभा ने मुख्यमंत्री के नाम सोंपा ज्ञापन

ओबीसी सूची में ‘घांची’ और ‘तेली’ प्रविष्टियों को एक करने की मांग, उपनामों को भी शामिल करने की उठी आवाज भीलवाड़ा (घनश्याम बोकोलिया)...

डॉ. रंगनाथन के पुस्तकालय विज्ञान के सिद्धान्त वर्तमान सूचना प्रौद्योगिकी युग में भी प्रासंगिक है- प्रो.करूणेश सक्सेना

भीलवाड़ा: संगम विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विभाग कला एवं मानविकी संकाय के तत्वावधान में भारत में पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉ. एस.आर.रंगनाथन...

Related Articles

विद्यालय व दादू दयाल बगीची में 31 पौधे लगाए, संरक्षण का लिया संकल्प

फुलेरा (रिपोर्ट डब्लू गोस्वामी)। आजादी के महा उत्सव की पूर्व संध्या पर...

34 साल पुराना इंतजार खत्म, शहरी सेवा शिविर में 1990 की फाइल का मौके पर निस्तारण

24 पट्टे, 9 निर्माण स्वीकृतियां और 6 नाम हस्तांतरण पत्र जारी फुलेरा...

हर घर तिरंगा अभियान को लेकर परिवहन विभाग ने चलाया जागरूकता अभियान

धौलपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में चलाए जा रहे ‘हर...

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित

धौलपुर। महिला अधिकारिता विभाग द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत...