धौलपुर। जिले के मांगरोल गांव में पिछले लगभग डेढ़ महीने से पोखर का गंदा पानी मुख्य मार्गों पर जमा होने से ग्रामीणों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण जलभराव विकराल रूप ले चुका है, जिससे करीब 25 घरों का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट गया है। इस समस्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सरपंच और सचिव के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए उनकी कार्यशैली की कटु आलोचना की है। स्थानीय निवासियों में एदल राजपूत सोनू राजपूत सुल्तान सिंह, मुन्नी देवी और माताप्रसाद राजपूत ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि पिछले 20 – 25 दिनों से गांव का मुख्य रास्ता जलमग्न है। इसके चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), आंगनबाड़ी केंद्र और स्थानीय मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पूरी तरह बाधित हो चुके हैं। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को रोज गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे हादसों का डर बना रहता है। जगह-जगह रुके गंदे पानी के कारण मच्छर और जहरीले कीड़े पनप रहे हैं, जिससे गांव में डेंगू, मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है। 25 परिवारों का संपर्क कटने से दैनिक उपभोग की वस्तुओं की आपूर्ति और आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचना भी बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि मौन साधे हुए हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पंप लगाकर जल निकासी कराई जाए और सड़क की मरम्मत कर ग्रामीणों को इस नारकीय जीवन से राहत दिलाई जाए।
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