धौलपुर। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय गोपीनाथ के विद्यार्थियों के अभिभावकों ने बुधवार को विद्यालय के प्रधानाचार्य को ज्ञापन सौंपकर बच्चों की पढ़ाई अंबेडकर भवन, जाटव बस्ती में ही संचालित करने की मांग की। अभिभावकों ने कहा कि वे अपने छोटे बच्चों को दूर स्थित किसी अन्य विद्यालय में भेजने की स्थिति में नहीं हैं और जब तक समीपस्थ वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती, वे अपने बच्चों को अंबेडकर भवन में ही पढ़ाना चाहते हैं। ज्ञापन में अभिभावकों ने कहा कि वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं। उनके पास छोटे बच्चों को प्रतिदिन दूर स्थित विद्यालय तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त समय और साधन उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में विद्यालय को उनकी बस्ती के समीप संचालित किया जाना आवश्यक है। अभिभावकों ने चेतावनी दी कि यदि अंबेडकर भवन में विद्यालय का अस्थायी संचालन व्यवस्थित नहीं किया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अभिभावकों ने राजाखेड़ा में विद्यालय की भूमि से कथित अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि विद्यालय के लिए प्रस्तावित भूमि पर अतिक्रमण के कारण बालिकाओं एवं गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। ज्ञापन में प्रशासनिक स्तर पर भेजी गई कथित गलत सूचनाओं की भी जांच कराने तथा विद्यालय की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की गई।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अंबेडकर भवन जनहित में निर्मित भवन है, इसलिए इसका उपयोग क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा के लिए किया जाना चाहिए। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि भवन में नगर पालिका के कर्मचारियों के रहने के कारण इसका उपयोग शैक्षणिक कार्य के लिए नहीं हो पा रहा है। उन्होंने मांग की कि भवन को तत्काल खाली करवाकर बच्चों की पढ़ाई के लिए उपलब्ध कराया जाए।
अभिभावकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे भूख हड़ताल सहित अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों से आंदोलन करेंगे तथा आगामी नगर पालिका चुनाव में भी इसका विरोध दर्ज कराएंगे। साथ ही उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर गरीब एवं वंचित परिवारों के बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान विद्यालय की एसएमसी के सदस्य तथा राजाखेड़ा नगर के बड़ी संख्या में अभिभावक एवं नागरिक उपस्थित रहे। अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर बच्चों की शिक्षा के लिए तत्काल स्थानीय एवं स्थायी समाधान उपलब्ध कराया जाए।
Leave a comment